Ads

Responsive Advertisement
Breaking News
Loading...

गौरी श्रंगार परिसर के एक हिस्से की तस्वीरें । गौरी श्रंगार परिसर के तहखाने में क्या-क्या मिला । गौरी श्रंगार परिसर ज्ञानवापी विवाद

गौरी श्रंगार परिसर के एक हिस्से की तस्वीरें । गौरी श्रंगार परिसर के तहखाने में क्या-क्या मिला । गौरी श्रंगार परिसर ज्ञानवापी विवाद हमने इस पोस्ट में यह बताया है कि ज्ञानवापी के गौरी श्रंगार परिसर की एक तहखाने में क्या क्या सामान मिला है तथा इसक खाने का किस काम में प्रयोग होता था।

ज्ञानवापी का मुद्दा काफी समय से पूरे भारत में बना हुआ है इसी बीच आज तक न्यूज़ वालों ने एक ऐसी जानकारी हासिल कर ली है जिसे देखकर सब आश्चर्य मैं हो जाएंगे।

ज्ञानवापी गौरी श्रंगार परिसर के तहखाने की कुछ ऐसी तस्वीरों को आजतक वालों ने ढूंढ निकाला है जिसे पहले कभी नहीं देखा गया है।
गौरी श्रंगार परिसर के तहखाने की एक तस्वीर ज्ञानवापी
श्रंगार गौरी परिसर तहखाने की एक तस्वीर

पहले भी तहखाने की हो चुकी है जांच

ज्ञानवापी के गौरी श्रंगार परिसर के सभी तहखानों में से एक तहखाने की तस्वीरें मिली है जिसका कोर्ट द्वारा सर्वेक्षण भी करवाया गया था यह उस तक आने की तस्वीरें हैं जो कमरा व्यास परिसर के पास था और खानों के चारों कमरों में से एक कमरा हिंदू पक्ष वालों के पास था।
ज्ञानवापी के श्रंगार परिसर से मिली तस्वीर फोटो
श्रंगार परिसर से मिली तस्वीर

ज्ञानवापी के सर्वेक्षण के खत्म होने के बाद इस मामले से जुड़े वकील ने कहा कि मस्जिद में एक वुजूखाना बना है जिसमें शिवलिंग पाया गया है, लेकिन मस्जिद कमेटी इस दावे को झूठा बताती है और उस खाने में बने शिवलिंग को मात्र एक फव्वारा बताती है।

ज्ञानवापी के परिसर में हर साल राम चरित्र मानस नवाह पाठ महायज्ञ समिति द्वारा रामचरितमानस के पाठ का आयोजन करवाती है और इसी समिति द्वारा इस तहखाने का प्रयोग बांस बल्ली और टेंट का सामान व पाठ सामान रखने में प्रयोग करती हैं।
ज्ञानवापी के श्रंगार परिसर से मिली तस्वीर
ज्ञानवापी श्रृंगार परिसर तहखाने से मिली तस्वीर

इस घटना की जानकारी सुप्रीम कोर्ट के पास मिलते ही सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट को ज्ञानवापी के श्रंगार गौरी परिसर को सुरक्षा देने का निर्देश दिया।

क्या है पूरा मामला ज्ञानवापी

1991 की वाराणसी की एक अदालत में दायर एक मामले में यह दावा किया गया था कि जहां पर ज्ञानवापी मस्जिद बनी है वह काशी विश्वनाथ का मंदिर है तथा औरंगजेब ने 16वीं शताब्दी में अपने शासनकाल के दौरान काशी विश्वनाथ के मंदिर के एक हिस्से को तोड़कर मस्जिद का निर्माण किया गया था।
श्रंगार गौरी परिसर की महत्वपूर्ण रिपोर्ट फोटो
श्रंगार गौरी परिसर की महत्वपूर्ण तस्वीर

वहां के याचिकाकर्ताओं और पुजारियों ने ज्ञानवापी मस्जिद की परिसर में पूजा करने की अनुमति मांगी 2019 में इलाहाबाद के उच्च न्यायालय द्वारा अनुरोध किए गए एएसआई सर्वेक्षण पर रोक लगाने का आदेश दे दिया था।

वापस यह विवाद तब शुरू हो गया जब 5 हिंदू महिलाओं द्वारा ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के भीतर श्रंगार गौरी और अन्य मूर्तियों की नियमित पूजा करने की मांग की।

पिछले ही महीने वाराणसी की एक अदालत ने 5 महिलाओं द्वारा परिसर की पश्चिमी दीवार के पीछे पूजा करने की याचिका दायर करने के बाद ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वीडियोग्राफी सर्वेक्षण का आदेश दिया था।





एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ