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जोधपुर के कबाड़ से बने एंटीक आइटम । जोधपुर बना एंटीक आइटम ब्लू सिटी

जोधपुर के कबाड़ से बने एंटीक आइटम । जोधपुर बना एंटीक आइटम ब्लू सिटी आज हम इस पोस्ट से जोधपुर के कबाड़ से 20 सालों में कैसे पहुंचा 7000 करोड का कारोबार जानेंगे।
जोधपुर के कबाड़ से बने एंटीक आइटम
जोधपुर के कबाड़ से बने एंटीक आइटम

जोधपुर जिले के रहने वाले हूनर बंद लोग कबाड़ से बना रहे अनोखे एंटीक आइटम विदेशी होटलों, बार, रेस्टोरेंट के सजावट के लिए कबाड़ बना 7000 करोड का कारोबार।

घर का वह सामान जिसे हम खराब समझ कर फेंक देते हैं आज वही सामान विदेशी होटल और रेस्टोरेंट, घरों के सजावट के लिए शान बन रहा है। वेस्ट को बेस्ट बनाने के लिए राजस्थान का जोधपुर आया आगे‌। 20 सालों में पहुंच गया 7000 करोड का कारोबार। जोधपुर जिला हैंडीक्राफ्ट बिजनेस में अपनी अलग ही पहचान बना रहा है जुगाड़ करके बनाए जाने वाले सम्मान की आज विदेशों में काफी डिमांड है। जोधपुर सिलाई मशीन से लेकर स्कूटर खटारा कार वह हर खराब वस्तु का प्रयोग करके उन्हें एंटीक आइटम बना रहा है।

हैंडीक्राफ्ट के व्यापारी अजय शर्मा ने बताया कि विदेशों में स्क्रैप से बनाए गए फर्नीचर व लैंप टेबल आदि की बहुत डिमांड हैं। सिलाई मशीन ऑटो पार्ट्स बैरिंग ड्रम आदि को स्क्रैप की सहायता से रीसायकिल करते हैं। जोधपुर से यूक्रेन जर्मनी पोलैंड  स्लैंवीजरलेंड ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड चीन जापान आदि देशों में कबाड़ से बना सामान जोधपुर से एक्सपोर्ट किया जाता है और अजय शर्मा 15 से 20 कंटेनर एक्सपोर्ट करते हैं। अजय शर्मा ने दिसंबर में हुए हस्तशिल्प मेले में समुंदरी डोम तैयार किया था, इसे भी स्क्रैप शैली द्वारा बनाया गया था।

ब्लू सिटी के 900 एक्सपोर्टर

विदेशों में सबसे ज्यादा जोधपुर से हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट किया जाता है और यहां पर 900 एक्सपोर्टर उपस्थित हैं और यह इंडस्ट्री रोजाना आसमान को छू रही है। जोधपुर में उपस्थित यह इंडस्ट्री सबसे ज्यादा फोरेन एक्सचेंज करने वाली है। जोधपुर के आर्ट की सबसे ज्यादा डिमांड यूरोप और यूएस में है। वुडन आइटम के अतिरिक्त वेदर बोन एंड हॉर्न आइटम आईरन व मेटल आइटम कि विदेशों में काफी डिमांड है। कुल एक्सपोर्ट में 70% वुडन आइटम का हिस्सा है और बाकी 30% में बोन एंड हॉर्न मैटल आदी आइटम का हिस्सा है। इसके अलावा अर्बन लैदर, पेपर फ्राई आदि ऑनलाइन कंपनियां हैंडीक्राफ्ट का पूरा माल जोधपुर से ही प्राप्त करती है।

जोधपुर से रोजाना 270 कंटेनर एक्सपोर्ट होते हैं

भारतीय कंटेनर निगम लिमिटेड अंतर्देशीय कंटेनर डिपों के डिप्टी जनरल मैनेजर पुलकित कुमार ने बताया कि हर दिन 2 गाड़ियों में 270 कंटेनर एक्सपोर्ट किए जाते हैं। जोधपुर से रेल के माध्यम से यह कंटेनर मुंदड़ा व गुजरात के पिपावा तक जाते हैं। इससे आगे यह बंदरगाह द्वारा एक्सपोर्ट किए जाते हैं। इनमें 80% हैंडीक्राफ्ट के होते हैं। जोधपुर हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट व COA मेंबर EPCH भरत दिनेश ने बताया कि जोधपुर से 5000 करोड़ का एक्सपोर्ट विदेश में और 2000 करोड का घरेलू एक्सपोर्ट किया जाता है।

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