"द्रौपदी मुर्मू का जीवन परिचय, परिवार, शिक्षा, जाति, शादी, बच्चे (बेटा,बेटी), पार्टी, कौन है द्रोपति मुर्मू, राज्यपाल, पार्षद, विधायक के रुप में, कुलपति के रूप में आदि की जानकारी हमने इसमें दी है।"
द्रौपदी मुर्मू का जीवन परिचय: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हाल ही में द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) को एनडीए से राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी घोषित किया है जिसके बाद से वह सुर्खियों में आना शुरू हो गई है तथा भाजपा पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा भी यह घोषणा की गई कि उनकी इस बार राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू होगी।
द्रौपदी मुर्मू एक आदिवासी इलाके में जन्मी महिला है तथा वह भारत की पहली राष्ट्रपति आदिवासी महिला भी होगी यदि जीतती है, तो।
उनके इस पद की प्रत्याशी बनने के बाद सभी लोग उनके बारे में जानने की कोशिश करेंगे कि उनकी शिक्षा क्या है, उम्र, बचपन, परिवार, जन्मस्थान, व्यवसाय आदि के बारे में जानने का प्रयास करेंगे।
उनके राष्ट्रपति बनने पर उनके जीवन की एक जिला परिषद से राष्ट्रपति तक का सफर बहुत ही प्रेरणादायक (Motivational) होगा।
द्रोपति मुर्मू एक बेहतर राज्यपाल भी रह चुकी है तथा उन्होंने राज्यपाल के पद को 6 साल से भी अधिक समय तक धारण किया था जो आमतौर पर 5 साल का होता है तथा इस दौरान उन पर एक भी विवादित बयान नहीं रहा है।
द्रौपदी मुर्मू एक आदिवासी जीवन से जुड़ी है जो एक बेहतर नेता के रूप में उभर चुकी है।
भारतीय संसदीय बोर्ड ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए 20 नामों पर चर्चा की थी जिसके बाद उन्होंने एक महिला को राष्ट्रपति पद के लिए चुनने का फैसला किया जिसके बाद द्रौपदी मुर्मू को चुना गया।
तो आगे हम इस पोस्ट में "द्रौपदी मुर्मू का जीवन परिचय" के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करायेंगे।
द्रौपदी मुर्मू जी का जन्म एक आदिवासी परिवार में हुआ था तथा इनके पिताजी का नाम बिरंची नारायण टुडू है। उनका परिवार संथाल परिवार से संबंधित है तथा इनका जन्म 20 जून 1958 को उड़ीसा राज्य के मयूरभंज जिला के बैदापोसी गांव के आदिवासी परिवार में हुआ था।
द्रौपदी मुर्मू के पति? (Husband of Draupadi Murmu)
द्रौपदी मुर्मू जी का विवाह श्याम चरण मुर्मू से हुआ था तथा वह अब स्वर्गवास हो चुके हैं तथा इनके विवाह के बाद उनके दो बेटे वह एक बेटी हुई थी, दोनों बेटे अब जीवित नहीं है तथा उनकी एक बेटी जिसका नाम इतिश्री मुर्मू है।
द्रौपदी मुर्मू की पढ़ाई-लिखाई (Draupadi Murmu Education)
द्रौपदी मुर्मू की स्कूली शिक्षा
द्रौपदी मुर्मू की स्कूली शिक्षा ओडिशा के एक निजी स्कूल से हुई थी तथा वह एक होनहार तथा अनुशासित विद्यार्थी थी।
द्रौपदी मुर्मू की कॉलेज शिक्षा
द्रौपदी मुर्मू की कॉलेज शिक्षा रमा देवी महिला महाविद्यालय से की थी, जो भुवनेश्वर का एक महाविद्यालय है।
द्रौपदी मुर्मू रह चुकी है शिक्षक (Draupadi Murmu Teacher)
द्रौपदी मुर्मू अपनी कॉलेजी शिक्षा के बाद एक शिक्षक के रूप में भी कार्य किया था, जो एक प्रेरणादायक संकेत है तथा उन्होंने श्री अरविंदो इंटीग्रल एजुकेशन एंड रिसर्च, रायरंगपुर में मानद सहायक शिक्षक के रूप में कार्य किया था तथा वह कुछ दिनों के लिए सिंचाई विभाग में कनिष्ठ सहायक के रूप में भी कार्य किया था।
द्रौपदी मुर्मू 1997 में चुनी गई थी जिला पार्षद
अपने जीवन को एक कठोर पथ से गुजारते हुए उन्होंने सबसे पहले राजनीति में कदम सन 1997 में एक पार्षद के रूप में रखा था। बहुत सन 1997 में रायरंगपुर से पार्षद प्रत्याशी के रूप में खड़ी हुई थी जिसमें उन्होंने विजय प्राप्त की तथा वह साथ ही रायरंगपुर की उपाध्यक्ष भी बनी थी।
द्रौपदी मुर्मू सन 2002 से 2009 तक मयूरभंज के जिला अध्यक्ष भी बनी रही थी।
द्रौपदी मुर्मू वर्ष 2004 में भाजपा से रायरंगपुर की विधायक भी बन चुकी है।
इसी बीच भाजपा द्वारा द्रौपदी मुर्मू को 2006 में अनुसूचित जनजाति मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष के रूप में चुना गया था वह इस पद पर 2009 तक रही थी।
इसके बाद वह दोबारा 2010 में मयूरभंज जिले से भाजपा अध्यक्ष के रूप में चुनी गई थी।
भाजपा द्वारा उन्हें 2013 में पुणे तीसरी बार जिला अध्यक्ष बनाया गया था। वह 2015 तक इस पद पर बनी रही, जिसके बाद मई 2015 में उन्हें झारखंड राज्य की राज्यपाल (Rajyapaal) चुना गया था।
दो बार भाजपा से विधायक रही
द्रौपदी मुर्मू अपने जीवन के सफर में भाजपा से दो बार विधायक भी रही जा चुकी है। वह बीजू जनता दल और बीजेपी के गठबंधन के दौरान ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की सरकार के समय कैबिनेट मंत्री के रूप में भी कार्य किया था। एक सर्वश्रेष्ठ के रूप में उन्हें पुरस्कृत भी किया गया है तथा आदिवासियों के विकास के लिए काम करने का उन्हें 20 वर्ष से अधिक कार्य का अनुभव है।
सर्वश्रेष्ठ विधायक के रुप में मिला नीलकंठ पुरस्कार
द्रौपदी मुर्मू बहुत से विभागों को संभालने का अनुभव शक्ति है वह ओडिशा सरकार में परिवहन, वाणिज्य, पशुपालन, मत्स्य पालन जैसे मंत्रालयों को संभाल चुकी है।
द्रौपदी मुर्मू को ओडिशा के विधान सभा द्वारा वर्ष 2007 में साल की सर्वश्रेष्ठ विधायक के रुप में नीलकंठ पुरस्कार दिया गया था।
द्रौपदी मुर्मू झारखंड की पहली महिला राज्यपाल रही है (First Woman Rajyapaal Jharkhand)
द्रौपदी मुर्मू एक सफल राज्यपाल रही है तथा उनके कार्यकाल के दौरान उनके ऊपर एक भी सवाल खड़ा नहीं हुआ है। वहां झारखंड की पहली महिला राज्यपाल बनी है इसके साथ ही उन्होंने राज्यपाल का पद धारण करने के बाद सबसे पहले जमशेदपुर की महिला विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए प्रयास किए, जिसके बाद ही इस कॉलेज को जमशेदपुर महिला कॉलेज से विश्वविद्यालय के रूप में बनाया गया था।
द्रौपदी मुर्मू वह पहली राज्यपाल थी जो कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मे जाकर
वहां पढ़ रही छात्राओं से उनकी समस्याओं के बारे में जानने का प्रयास किया तथा संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को समस्या को लेकर सख्त निर्देश भी दिए।
राज्यपाल के लिए कब चुनी गई
द्रौपदी मुर्मू ने 18 मई 2015 से 12 जुलाई 2021 तक झारखंड की राज्यपाल का पद संभाला है तथा वह झारखंड की 9वी राज्यपाल बनने के साथ-साथ वह झारखंड की पहली महिला राज्यपाल का भी गौरव रखती है।
यदि वह राष्ट्रपति पद के लिए चुनी जाती है तो आजादी के बाद जन्म लेने वाली पहली राष्ट्रपति होगी।
राज्यपाल के दौरान कहीं विधेयक लौटाए
द्रौपदी मुर्मू एक इमानदारी की मिसाल देते हुए जब उनकी ही सरकार द्वारा सीएनटी-एसपीटी विधेयक को विधानसभा से पारित किया गया था तो उनके द्वारा सीएनटी-एसपीटी में संशोधन से संबंधित विधेयक लौटा दिया गया।
उन्होंने वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भी जनजातियां परामर्शदातृ समिति (टीएसी) के गठन की फाइल को भी लौटा दिया गया। हालांकि बाद में इसमें कुछ संशोधन करके उसमें राजभवन की भूमिका ही खत्म कर दी गई थी तथा वर्तमान के राज्यपाल ने भी टिएसी के गठन को गलत बताया।
चांसलर रहकर उच्च शिक्षा को दी उंचाई
इस पद पर रहते हुए उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विकास के कई कार्य किए थे। द्रौपदी मुर्मू का चांसलर पोर्टल शुरू करना भी एक बड़ी उपलब्धि थी, जिसके अंदर सभी विश्वविद्यालयों को एक ही प्लेटफार्म में लाकर एक साथ नामांकन से लेकर निबंधन और परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इनके कार्यकाल में विश्वविद्यालयों में गुणी तथा अनुभवी कुलपतियों और अन्य पदाधिकारियों की नियुक्ति हुई थी।
मांसाहार का राजभवन में लगाया प्रतिबंध
द्रौपदी मुर्मू एक साथ कार्य महिला है तथा उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पूरे राजभवन में मांस का प्रतिबंध लगा दिया था तथा राजभवन के किसी भी परिसर में रहने वाले पदाधिकारियों व कर्मियों को राजभवन में मांस का प्रतिबंध था।
राष्ट्रपति के पिछले चुनाव में भी चर्चा में थी
द्रौपदी मुर्मू अपने बड़े विचारों व सादा जीवन के कारण तथा कई महत्वपूर्ण कार्यो के कारण पिछले राष्ट्रपति चुनाव में भी इनका नाम दावेदारी में था, हालांकि बाद में एनडीए सरकार द्वारा श्री रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाया गया।
द्रौपदी मुर्मू की संपत्ति (Draupadi Murmu Net worth)
द्रौपदी मुर्मू एक सादगी भरे जीवन को बिताने वाली राजनेता है तथा वह अपने पास कुल 9.5 लाख की संपत्ति रखती है तथा इसके अलावा उनके पास कोई आभूषण, जमीन (इसके अलावा) और ना तो चल वरना ही अचल संपत्ति है।
द्रौपदी मुर्मू के जीवन की जानकारी
| जीवनी | Biography |
|---|---|
| नाम (Name) | द्रौपदी मुर्मू |
| जन्म तारीख (Date of Birth) | 20 जून 1958 |
| उम्र (Age) | 64 साल (2022 में) |
| जन्म स्थान (Place of Born) | मयूरभंज, उड़ीसा, भारत |
| शिक्षा (Education) | कला स्नातक तक |
| कॉलेज (College) | रमा देवी महिला कॉलेज, भुवनेश्वर, ओडीशा |
| गृहनगर (Home Town) | म्यूरभंज, ओडीशा, भारत |
| नागरिकता (Nationality) | भारतीय |
| पेशा (Occupation) | राजनीतिज |
| राजनीतिक दल (Political party) | भारतीय जनता पार्टी BJP |
| सम्पत्ति (Net worth) | 9.5 lakh |
| पिता का नाम (Father Name) | स्वर्गीय बिरंची नारायण टुडू |
| माता का नाम (Mother Name) | - |
| पति (Husband) | श्याम चरण मुर्मू |
| बच्चे (Children) | पुत्र-2 (स्वर्गवास) पुत्री-1 इतिश्री मुर्मू |



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