हम अपनी इस पोस्ट में प्रोटीन क्या है, खोज, खोज कब, शरीर को कितनी आवश्यकता, फायदे, नुकसान, स्रोत, प्रकार आदि की जानकारी प्राप्त करेंगे।
आज हम इसमें यह पड़ेंगे की प्रोटीन की खोज किसने की और कब? की। प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक है तथा इसकी सहायता से ही मनुष्य सुंदर दिखता है तथा उसके अंदर अनेकों बदलाव आते रहते हैं। प्रोटीन हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है तथा यह हमारे शरीर को बलवान बनाने के साथ-साथ शरीर की मांसपेशियों को बढ़ाने, हड्डियों की लंबाई आदि के लिए प्रोटीन अति आवश्यक है।
यह खासतौर से बच्चों के लिए आवश्यक है तथा उन्हें इसकी अत्यधिक आवश्यकता होती है क्योंकि यह उनके शरीर को बढ़ाने और उन्हें अत्यधिक शारीरिक रूप से सहायता प्रदान करता है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि रोजाना हमें अपने भोजन में करीब 20 से 30% तक प्रोटीन की आवश्यकता होती है। यह हमारे लिए शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से आवश्यक है, इसके सही मात्रा में सेवन से मनुष्य शारीरिक रूप से बलवान होता है तथा वह बीमार भी नहीं होता है और मानसिक रूप से वह बुद्धिमान होता है।
प्रोटीन की आवश्यकता
हमारे शरीर को वसा, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन आदि की बहुत आवश्यकता होती है, साथ ही जिम कर रहे मनुष्य या वजन बढ़ाने मनुष्य के लिए सबसे ज्यादा प्रोटीन की आवश्यकता होती है इसे प्रतिदिन लेना भी आवश्यक होता है, क्योंकि यह वसा व कार्बोहाइड्रेट की तरह शरीर में पहले से ही संग्रहित नहीं होता है।
प्रोटीन क्या है?
प्रोटीन अणुओं से मिलकर बना एक कठोर और मजबूत समूह होता है, जो शरीर के अनेकों कार्यों में सहायता प्रदान करता है। हमारे शरीर का यह प्रोटीन एक पोषक तत्व है तथा इसका निर्माण एमिनो अम्ल की सहायता से होता है।
यह हमारे शरीर की सेल्स के लिए बिल्डिंग ब्लॉक्स का कार्य करती है। प्रोटीन की सहायता से हमारे शरीर की मांसपेशियां बढ़ती है तथा इसकी सहायता से ही शरीर का विकास होता है तथा हड्डियां लंबी होती है, बाल, नाखुन, उत्तक और अन्य अंगों का निर्माण होता है।
यदि हम किसी के प्रति किलोग्राम पर प्रोटीन की मात्रा की बात करेंगे, तो उसे प्रति किलोग्राम वजन पर 0.8 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है तथा इसी प्रकार यदि किसी का वजन 50 किलोग्राम का है तो उसे प्रतिदिन 50×0.8 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होगी।
रासायनिक रूप से प्रोटीन
प्रोटीन रासायनिक रूप से एमिनो अम्ल, कार्बन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन या सल्फर से मिलकर बने कार्बनिक योगिक है।
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) ने कहा कि प्रोटीन के निर्माण खंड एमिनो अम्ल है तथा प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण खंड है। जब हमारे शरीर में प्रोटीन टूटता है तो यह मांसपेशियों को बनने के लिए प्रेरित करता है तथा यह अपचय, उपचय में सहायता करता है।
प्रोटीन का सूत्र (formula)
RCH (NH2)COOH
प्रोटीन एक मैक्रोन्यूट्रिएंट्स
प्रोटीन एक मैक्रोन्यूट्रिएंट्स भी है जो शरीर के निर्माण में एक प्रमुख भूमिका निभाता है। यह मुख्य रूप से पशुओं के उत्पादों में होता है तथा यह नट व फलियों आदि में भी स्थित है।
मैक्रो न्यूट्रिएंट्स तीन प्रकार के होते हैं: प्रोटीन, वसा और कार्बोहाइड्रेट।
इसकी सहायता से हम कैलोरी और एनर्जी प्राप्त करते हैं।
यूनिवर्सिटी आफ इलिनॉइस मैकिन्ले हेल्थ सेंटर के अनुसार यह बताया गया है कि जीवन को जीवित रखने हेतु अत्यधिक मात्रा में मैक्रोन्यूट्रिएंट्स की जरूरत होती है तथा इसलिए इसका नाम "मेक्रो" रखा गया है।
प्रत्येक ग्राम प्रोटीन में 4 कैलोरी की उपस्थिति होती है। प्रोटीन एक व्यक्ति के शरीर के वजन का लगभग 15% बनाता है।
प्रोटीन की खोज किसने की थी?
प्रोटीन की खोज का श्रेय Jons Jacob Berzelius और Rerdus Jahannes Mulder को जाता है, इन्होंने सन् 1838 में प्रोटीन की खोज की थी।
जब इन्होंने प्रोटीन की खोज कर इसका और अधिक रिसर्च किया तो इन्हें पता लगा कि सभी प्रोटीन का एक ही सूत्र (formula) C400H620N100O120P1S1 होता है।
इसका नाम Jons Jacob Berzelius ने प्रोटीन रखा। प्रोटीन एमिनो एसिड से बना है तथा प्रोटीन एमिनो एसिड की एक लंबी श्रृंखला है। एमिनो एसिड पृथ्वी पर उत्पन्न होने वाला Biomolecule था।
प्रोटीन की खोज के बाद अनेकों वैज्ञानिकों द्वारा इसके काम करने की प्रक्रिया पर रिसर्च करने लगे थे तथा जर्मन के एक Physiologist Carl von Voit ने एक रिसर्च कर बताया कि प्रोटीन हमारे शरीर की हड्डियों को मजबूत करने का कार्य करता है जो शरीर के लिए अति आवश्यक है।
प्रोटीन की संरचना खोज
प्रोटीन की संरचना की खोज का श्रेय John Kendrew व Max Perutz सो जाता है इन्होंने मिलकर सन् 1958 मैं इसकी खोज की थी।
दोनों ने Hemoglobin व Myoglobin का Solution निकालकर यह पता लगाया कि प्रोटीन के अंदर 126.060 atomic और Structure resolution है तथा इसके लिए उन्हें रसायनिक विज्ञान में नोबेल पुरस्कार भी दिया गया है।
इसके बाद अन्य वैज्ञानिकों द्वारा यह पता लगाया जाने लगा कि प्रोटीन मनुष्य के शरीर के लिए कितना आवश्यक है तथा किस-किस खाने की वस्तु में कितना प्रोटीन है।
प्रोटीन के मुख्य स्रोत कौन-कौन से हैं?
हमारे शरीर के लिए इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है क्योंकि यह हमारे शरीर को मजबूत बनाने का काम करता है। यह हमारे शरीर के अंदर नई-नई सेल्स का विकास करता है और शरीर के अंदर हो रही टूट-फूट को भी ठीक करने का कार्य करता है।
यह हमारे लगभग सभी खाद्य हारों में उपस्थित होता है तथा हमें एक निश्चित मात्रा में प्रतिदिन इसकी आवश्यकता होती है।
तो हम आगे पढ़ते हैं कि किन किन चीजों में हमें प्रोटीन प्राप्त होता है।
प्रोटीन के शाकाहारी स्रोत (Vegetarian Sources)
1. पीनट बटर (Peanut Butter)
2. बादाम (Almond)
हमारे द्वारा 8 से 12 बादाम में करीब 12 ग्राम प्रोटीन प्राप्त किया जाता है इसमें मैग्निशियम, कैलशियम, आईरन, प्रोटीन व अन्य पोषक तत्व होते हैं।
3. पनीर (Paneer)
थोड़ी सी मात्रा में पनीर में करीब 16 से 20% तक प्रोटीन रहता है, इसमें वसा, प्रोटीन, कार्ब, विटामिन, कैल्शियम आदि पोषक तत्व है।
4. दूध (Milk)
एक लिटर दूध में करीब 40 ग्राम तक प्रोटीन उपस्थित रहता है तथा इसके साथ ही इसमें विटामिन, वसा, कैल्शियम भरपूर मात्रा में है।
5. सोयाबीन (Soyabeen)
एक कप सोयाबीन से हम करीब 18 ग्राम तक प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं इसे अनेक तरीकों से खाया जा सकता है।
6. मूंग दाल (Moong dal)
100 ग्राम मूंग दाल में 24 ग्राम तक प्रोटीन रहता है यह शरीर में प्रोटीन की कमी दूर करने वाला सबसे अधिक फायदेमंद आहार है।
7. मूंगफली (Ground Nut)
100 ग्राम मूंगफली में करीब 25 ग्राम तक प्रोटीन रहता है यह गरीबों का बादाम भी कहलाता आता है।
8. ब्रोकली (Broccoli)
इसके कुछ मात्रा से हमें 4.5 ग्राम तक प्रोटीन प्राप्त होता है इसके अंदर कैंसर से लड़ने की क्षमता होती है।
9. चना (Chana)
100 ग्राम चने से हम 25 ग्राम प्रोटीन प्राप्त करते हैं इसे हम फ्राई, उबालकर, भिगोकर व सब्जी के माध्यम से खा सकते हैं।
10. काजू (Cashew Nut)
100 ग्राम काजू से हमें 18 ग्राम प्रोटीन मिलता है इसकी सहायता से हम अपने वजन को बढ़ा सकते हैं।
प्रोटीन के मांसाहारी स्रोत (Non Vegetarian Sources)
1. अंडा (Eggs)
100 ग्राम के अंडों में करीब 13 ग्राम प्रोटीन रहता है। यह हृदय रोग के लिए भी लाभदायक है।
2. मछली (Fish)
मछली प्रोटीन रिच फूड्स में शामिल है इसे कम वसा व अधिक प्रोटीन वाला स्रोत माना जाता है।
3. चिकन (Chicken)
यदि हम चिकन ब्रेस्ट खाते हैं तो इससे अत्यधिक प्रोटीन की प्राप्ति होती है।
4. मटन (Mutton)
मांस में भी प्रोटीन पाया जाता है इसके अंदर मौजूद प्रोटीन व कम कार्बोहाइड्रेट ग्लाइसेमिक इंडेक्स को कम करने में सहायता करता है।
सबसे ज्यादा प्रोटीन किसमें होता है?
इसमें हम प्रोटीन के उन स्रोतों को शामिल करते हैं जो खुद में प्रोटीन की सबसे ज्यादा मात्रा रखते हैं।
1. सोयाबीन (Soyabeen)
2. नॉनवेज (Non veg)
3. पनीर (Paneer)
4. मूंग की दाल (Moong ki dal)
5. बादाम (Almond)
6. चना (Chickpeas-Chana)
7. मूंगफली (Ground Nut)
8. ब्रोकली (Broccoli)
9. दही (Curd)
10. दूध (Milk)
11. काजू (Cashew Nut)
12. दालें (Pulses)
13. कटहल (Jackfruit)
14. सोया मिल्क (Soya Milk)
15. ओट्स (Oats)
प्रोटीन कितने प्रकार के होते हैं
मुख्य रूप से प्रोटीन तीन प्रकार के होते हैं:
1. सरल प्रोटीन
2. संयुक्त प्रोटीन
3. व्युप्तन्न प्रोटीन
प्रोटीन के फायदे क्या है?
प्रोटीन हमारे शरीर के लिए अति आवश्यक पोषक तत्व है तथा शरीर को मजबूत ताकतवर व स्वस्थ बनाए रखता है। प्रोटीन हमारे शरीर को एनर्जी प्रदान करता है, यह हमारे इम्यूनिटी सिस्टम को भी मजबूत करता है जिससे रोगों के प्रति लड़ने की क्षमता तेज होती है। यह कोशिका के अंदर व बाहर होने वाली रासायनिक क्रियाओं में भी सहायता करता है, प्रोटीन के स्रोतों से हमें प्रोटीन के साथ-साथ अन्य पोषक तत्व जैसे कार्बोहाइड्रेट विटामिन वसा आदि प्राप्त होते हैं।
ब्रोकली कैंसर से लड़ने की क्षमता रखता है उसी के साथ ही अन्य स्रोत जैसे दूध चना कटहल आदि भी हमें अनेकों बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं।
प्रोटीन के नुकसान क्या है?
प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बहुत ही आवश्यक है इसके साथ ही कहा जाता है ना कि जो वस्तु अधिक आवश्यक है उसकी अति भी नुकसान दायक होती है तथा इसके अत्यधिक सेवन से हमें कई प्रकार के रोगों का भी सामना करना पड़ता है तथा इसे अत्यधिक मात्रा में लेने पर लिवर हरदेव पथरी और किडनी संबंधित समस्याएं उत्पन्न होती है।
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